Our website will be unavailable on Monday from 6:00 AM to 10:00 AM IST for scheduled maintenance..
Our website will be unavailable on Monday from 6:00 AM to 10:00 AM IST for scheduled maintenance..
Donate Programme

आइए, हमारे बुजुर्गों को गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद करें

हेल्पेज  इंडिया वृद्धजनों की देखभाल, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन, आजीविका, अनुसंधान एवं जनहित के लिए आवाज उठाने जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि समाज में हर बुजुर्ग को उनका उचित स्थान मिले। हर बुजुर्ग को एक ऐसे घर की जरूरत है, जिसे वे अपना कह सकें, ऐसे लोगों की आवश्यकता है, जो जरूरत पड़ने पर उनकी देखभाल करें, ऐसी स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है, जो उनके दरवाजे तक पहुँचें और अपनेपन से मिलने वाली सुरक्षा का एहसास कराएँ।

वित्त वर्ष 2025-26 में आपके सहयोग से आए ये बदलाव

आपके सहयोग से हम पूरे भारत में उन बुजुर्गों तक पहुंच पा रहे हैं, जिन तक कोई नहीं  पहुँचा।

2,000,000

बुजुर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया

13,00,000

बुजुर्गों को उनके घर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलीं

40,000

बुजुर्ग स्वयं सहायता समूहों के जरिए आत्मनिर्भर बने

1,25,000

बुजुर्गों को एल्डर हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता मिली

35,000

बुजुर्गों को दृष्टि वापस पाने के लिए सहायता मिली

77,000

बुजुर्गों को डिजिटल, वित्तीय और कानूनी साक्षरता से जुड़ी जानकारी मिली

आपके सहयोग से आया बदलाव

आपके साथ मिलकर हम देश भर में लाखों बुजुर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला पाए हैं। ये बुजुर्ग हम सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।

रामाजी को मिला अपनेपन का सहारा

अपना घर खोने के बाद, 76 वर्षीय रामाजी को हेल्पेज इंडिया के सीनियर केयर होम में अपनापन, देखभाल और जीवन का एक नया उद्देश्य मिला।
और पढ़ें

उपाध्याय जी की अनिश्चितता दूर हुई, मिला भरोसे का सहारा

हेल्पेज इंडिया के एल्डर हेल्प डेस्क ने 82 वर्षीय श्री डी. पी. उपाध्याय को आत्मविश्वास, गरिमा और समय पर सहायता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने में मदद मिली। और पढ़ें

अकेलेपन से नेतृत्व तक धनलक्ष्मी का सफर

व्यक्तिगत क्षति से उबरने से लेकर हजारों ग्रामीण बुजुर्गों का नेतृत्व करने तक, धनलक्ष्मी का सफर साबित करता है कि जीवन में उद्देश्य और नेतृत्व की कोई उम्र नहीं होती।
और पढ़ें

चंदा मैया को घर पर मिली देखभाल

लंबे समय से चली आ रही बीमारी के साथ अकेले रहने वाली चंदा मैया को हेल्पेज इंडिया की मोबाइल स्वास्थ्य इकाई से जरूरी देखभाल, सुकून और साथ मिल रहा है।
और पढ़ें

पुथुरी को मिला संवेदनशील देखभाल का सहारा

पुथुरी नरसैया को घर पर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं मिलने से रोजमर्रा की चुनौतियां कम हुई हैं और उनका जीवन अधिक आरामदायक हो गया है व आत्मविश्वास से भर गया है।
और पढ़ें

हमारे सहयोगी

हमारे सहयोगियों के उदार सहयोग से ही हेल्पेज इंडिया जमीनी स्तर पर अपने कार्यों को अंजाम दे पाता है। अधिक जानकारी के लिए यहां जाएं:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आपके संगठन को कैसे दान दे सकते हैं?

कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें, जहां आप अपनी पसंद के अनुसार दान देने का तरीका चुन सकते हैं।

अभी दान करें

हां, आपको धारा 133 (पहले धारा 80G) के तहत 50% टैक्स छूट का प्रमाणपत्र मिलेगा, जो आपके रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस या डाक पते पर भेजा जाएगा।

ट्रांजैक्शन पूरा होने पर, दान करते समय आपके द्वारा दिए गए ईमेल एड्रेस पर प्रमाणपत्र भेज दिया जाएगा। वैकल्पिक रूप से, प्रमाणपत्र की प्रिंटेड कॉपी दान करते समय आपके द्वारा दिए गए पते पर डाक से भेज दी जाएगी।

डुप्लिकेट रसीद पाने के लिए कृपया अपने दान का विवरण देते हुए [email protected] पर ईमेल लिखें।

आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके हमारी अमेरिकी संस्था ‘अमेरिकन फ्रेंड्स ऑफ हेल्पेज इंडिया’ को दान दे सकते हैं: https://www.af-hi.org/donation/

आपके सहयोग से हम निम्नलिखित कार्यक्रमों द्वारा पूरे भारत में वंचित बुजुर्गों को देखभाल और सम्मान प्रदान करने में मदद करते हैं: वृद्धजन देखभाल, स्वास्थ्य सेवाएँ, आजीविका और आपदा प्रबंधन।

हां, आप दान फॉर्म में दिए गए ड्रॉप-डाउन मेन्यू से अपनी पसंद का उद्देश्य चुन सकते हैं।

हमारे वित्तीय विवरणों की जानकारी पाने के लिए कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: https://helpageindia.org/documents/

कृपया जिन बदलावों की जरूरत है, उनका विवरण देते हुए [email protected] पर ईमेल लिखें।

सामान्य पूछताछ के लिए कृपया [email protected] पर ईमेल लिखें।
हमारे किसी राज्य के कार्यालय से संपर्क करने के लिए कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:
संपर्क करें

अगली वित्तीय वर्ष में 31 मई के बाद यह आपके रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस या डाक पते पर प्राप्त होगा।

donate hindi

We are currently in the process of launching a brand new donor experience for you.

Apologies for the inconvenience until then.

For any support please reach out to [email protected]